📌 IFMS 3.0 वेंडर मैनेजमेंट सब-मॉड्यूल है क्या?
IFMS 3.0 का Core Disbursement Engine सरकारी विभागों और वेंडर्स के बीच होने वाली हर वित्तीय गतिविधि को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाता है। एक बार अधिकृत वेंडर बन जाने के बाद पोर्टल पर आपको ये सुविधाएं मिलती हैं:
- ऑनलाइन सेल्फ-रजिस्ट्रेशन की सरल प्रक्रिया
- प्रोफाइल में दस्तावेज़ और बैंक विवरण कभी भी अपडेट करना
- बिल/इनवॉइस अपलोड कर रियल-टाइम स्टेटस देखना
- पेमेंट हिस्ट्री और लंबित देय राशि एक ही डैशबोर्ड पर
- विभाग द्वारा जारी वर्क ऑर्डर को ट्रैक करना
- WAM मॉड्यूल से बिल एब्सट्रैक्ट स्वयं वेरीफाई करना
🔑 पोर्टल एक्सेस के लिए क्या चाहिए? (Prerequisites)
रजिस्ट्रेशन शुरू करने से पहले ये दो चीजें अपने पास तैयार रखें:
- आधिकारिक पोर्टल लिंक — ifms.rajasthan.gov.in
- Active SSO ID और पासवर्ड
यदि आपके पास डिजिटल क्रेडेंशियल नहीं हैं तो घबराने की जरूरत नहीं — आप Self-Service Portal से खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, या नजदीकी सरकारी कार्यालय जाकर Departmental Registration के जरिए भी अपनी वेंडर आईडी बनवा सकते हैं।
👤 कर्मचारी/अधिकारी अपनी व्यक्तिगत Vendor ID कैसे बनाएं? (PAN आधारित प्रोसेस)
चुनाव ड्यूटी, सर्वे या अन्य अतिरिक्त कार्यों में लगे राज्य/केंद्र सरकार के कर्मचारी-अधिकारी को फर्म या ठेकेदार वाली लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। उनके लिए एक सरल, PAN-आधारित व्यक्तिगत रजिस्ट्रेशन उपलब्ध है, जिससे मानदेय, TA, DA और POL सीधे बैंक खाते में आ सके।
स्टेप 1 – SSO पोर्टल पर लॉगिन करें: अपनी SSO ID, पासवर्ड और कैप्चा डालकर SSO पोर्टल पर लॉगिन करें, फिर IFMS 3.0 ऐप/विकल्प खोजकर खोलें।
स्टेप 2 – Vendor Management चुनें: मुख्य डैशबोर्ड पर Citizen Self Service पर क्लिक करें। इसके बाद चौथे नंबर पर स्थित Vendor Management विकल्प चुनें और Vendor Registration पर क्लिक करें।
स्टेप 3 – सत्यापन माध्यम चुनें: सत्यापन के लिए PAN Number (पैन कार्ड) का विकल्प चुनें, अपना पैन नंबर दर्ज करें और Continue पर क्लिक करें।
स्टेप 4 – फॉर्म विवरण भरें:
- Firm/Organization Name: यहाँ अपना स्वयं का नाम दर्ज करें (जैसे — राम, श्याम आदि)
- Mobile Number: अपना सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें
- Firm Category: स्व-पंजीकरण के लिए Individual / Consultant / Professional (Individual) चुनें
- अपना State, District, PIN Code और पूरा पता ध्यानपूर्वक भरें
स्टेप 5 – बैंक खाता विवरण दर्ज करें: Add New Details पर क्लिक करें। Virtual Account Number में “No” ही रहने दें। अपना IFSC Code, बैंक खाता संख्या और खाताधारक का नाम सही-सही भरें, फिर कैंसिल चेक या पासबुक की स्पष्ट PDF अपलोड कर Add बटन दबाएं।
स्टेप 6 – फाइनल सबमिट करें: भरी गई सभी प्रविष्टियों का पुनरावलोकन करें, संतुष्ट होने पर Submit दबाएं और कन्फर्मेशन में Yes चुनें। स्क्रीन पर “Vendor ID Generation Success” मैसेज आते ही आपकी Vendor ID जनरेट हो जाएगी।
- बैंक खाता संख्या और IFSC कोड बेहद सावधानी से भरें — Citizen Self Service में बाद में Edit का विकल्प उपलब्ध नहीं है
- पासबुक या कैंसिल चेक की केवल स्पष्ट (clear) PDF कॉपी ही अपलोड करें
- मोबाइल नंबर दर्ज करते समय एरर आए तो सुनिश्चित करें कि आपकी SSO ID, PAN Card और Mobile Number एक ही व्यक्ति के नाम से जुड़े हों
🏢 फर्म / वेंडर / ठेकेदार के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (GST/SAN आधारित प्रोसेस)
यदि आप व्यक्तिगत कर्मचारी नहीं बल्कि किसी विभाग को सामान/सेवा सप्लाई करने वाली फर्म, कंपनी या ठेकेदार हैं, तो आपके लिए थोड़ी विस्तृत प्रक्रिया है, जिसमें GST या SAN के आधार पर वेरिफिकेशन होता है।
स्टेप 1 – SSO लॉगिन करें: ब्राउज़र में IFMS 3.0 पोर्टल खोलें और होम पेज पर Login बटन दबाएं। यह आपको RajSSO पेज पर ले जाएगा, जहां SSO ID, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन करें।
स्टेप 2 – Citizen Self Service चुनें: लॉगिन के बाद स्क्रीन पर दिख रहे Access Citizen Self Service टाइल पर क्लिक करें।
स्टेप 3 – Vendor Management खोलें: सिटिजन लैंडिंग पेज पर Vendor Management पर क्लिक करें। पहली बार आने पर Vendor Registration बटन एक्टिव मिलेगा।
स्टेप 4 – पहचान वेरीफाई करें: नीचे टेबल में दिए गए विकल्पों में से कोई एक चुनकर नंबर डालें और Continue दबाएं — सिस्टम आपका डेटा अपने आप फैच कर लेगा।
| वेरिफिकेशन विकल्प | जरूरी विवरण |
|---|---|
| SAN | SAN Number + SAN पोर्टल पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर |
| GST | वैध GST Number |
| Existing IFMS 2.0 User | पुराना बैंक अकाउंट नंबर + IFSC कोड |
फॉर्म के 6 चरण, जो भरने अनिवार्य हैं
चरण 1 — बिजनेस क्लासिफिकेशन: Firm Category (Proprietor / Private Limited / SHG / LLP आदि), Proprietor Name, Business Category और Firm Sector (Goods/Services/Work — एक से ज्यादा चुन सकते हैं) भरें।
चरण 2 — फर्म व पता विवरण: GST/SAN से लॉगिन करने पर पता अपने आप भर जाता है; खाली फील्ड (राज्य, जिला, पिन कोड) आप खुद भरें।
चरण 3 — की-पर्सन विवरण: + Add New Details पर क्लिक कर नाम, मोबाइल नंबर और ऑफिशियल ईमेल आईडी — ये तीनों फील्ड अनिवार्य हैं।
चरण 4 — बैंक व टर्नओवर: बैंक खाता नंबर, IFSC कोड और कैंसिल चेक/पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड करना जरूरी है। टर्नओवर विवरण वैकल्पिक है।
चरण 5 — मुख्य गतिविधियां: यह वैकल्पिक सेक्शन है, चाहें तो स्किप कर सकते हैं।
चरण 6 — वर्क सेक्टर चयन: केवल उन वेंडर्स के लिए जिन्होंने चरण 1 में “Work” सेक्टर चुना हो — यहां कार्य श्रेणी, सब-कैटेगरी और वैधता अवधि सिलेक्ट करें।
🔗 Vendor SSO ID Mapping कैसे करें?
वेंडर आईडी बनने के बाद अगला जरूरी कदम है अपनी SSO ID को Vendor ID से मैप करना, ताकि आप डैशबोर्ड पर Payment Report और Transaction Status सीधे देख सकें। यह प्रक्रिया पूरी तरह OTP वेरिफिकेशन पर आधारित है ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति आपके डेटा में बदलाव न कर सके।
- SSO पोर्टल पर अपने User ID/Password से लॉगिन करें
- Access Citizen Self Service चुनें
- Vendor Management टाइल खोलें
- My Dashboard में जाएं
- Vendor SSO ID Mapping विकल्प चुनें
- Map Vendor बटन पर क्लिक करें
- IFMS Vendor ID, GSTN, SAN या बैंक अकाउंट नंबर में से कोई एक दर्ज करें
- रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP की प्रतीक्षा करें
- OTP दर्ज कर वेरीफाई करें
- “Vendor Mapping Completed Successfully” मैसेज आते ही प्रक्रिया पूरी
✅ पेंडिंग बिल एब्सट्रैक्ट कैसे वेरीफाई करें?
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद बिल एब्सट्रैक्ट वेरीफाई करना बेहद आसान है:
- Vendor Dashboard पर जाएं और लेफ्ट पैनल से Verify Abstract चुनें
- पेंडिंग एब्सट्रैक्ट वाले Work Order पर क्लिक करें
- अपनी Abstract ID खोलकर पूरा विवरण जांचें
- रिमार्क बॉक्स में टिप्पणी (जैसे “Approved”) लिखकर Verify and Submit दबाएं
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. IFMS 3.0 वेंडर रजिस्ट्रेशन के लिए क्या SSO ID जरूरी है?
हां, बिना Active SSO ID और पासवर्ड के आप सेल्फ-सर्विस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते।
Q2. बिना GST या SAN नंबर के भी रजिस्ट्रेशन हो सकता है?
हां, यदि आप पहले से IFMS 2.0 यूजर हैं तो पुराने बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड से भी वेरिफिकेशन किया जा सकता है।
Q3. वेंडर आईडी बनने के बाद भुगतान कब तक मिलना शुरू होता है?
वेंडर आईडी और SSO मैपिंग पूरी होने के बाद संबंधित विभाग की प्रक्रिया अनुसार FVC बिल व अन्य भुगतान बिना रुकावट प्रोसेस होते हैं। सटीक समय-सीमा संबंधित विभाग/DDO कार्यालय से पुष्टि करें।
Q4. डिजिटल जानकारी न होने पर क्या करें?
आप नजदीकी सरकारी विभाग या कार्यालय में जाकर Departmental Registration के जरिए मैनुअल सहायता ले सकते हैं।
Q5. चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारी को कौनसा रजिस्ट्रेशन करना है — फर्म वाला या PAN वाला?
चुनाव ड्यूटी/मानदेय के लिए कर्मचारी-अधिकारी को व्यक्तिगत (Individual) PAN आधारित प्रोसेस से Vendor ID बनानी है, न कि फर्म/GST वाली प्रक्रिया से।
Q6. Vendor ID बनाने के बाद बैंक डिटेल में गलती हो जाए तो क्या करें?
Citizen Self Service में सबमिट होने के बाद बैंक विवरण एडिट करने का विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए गलती होने पर अपने DDO कार्यालय या संबंधित कोषाधिकारी कार्यालय से सुधार हेतु संपर्क करें।